भास्कर न्यूज त्नअजमेर| गरीब नवाज के 801वें उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन की चहल-पहल से गुरुवार रात को खासी रौनक बनी। दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन की सदारत में महफिल खाना में हुई रात की आखिरी महफिल में भी खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा की भीड़ रही। परंपरा के मुताबिक मध्यरात्रि को मजार शरीफ को आखिरी गुस्ल दिया गया।
रजब की पांच तारीख हो जाने और एक दिन बाद ही कुल की रस्म होने को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही जायरीन ए ख्वाजा के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अब तक रौनक को तरस रहे दरगाह क्षेत्र में आज खासी रौनक बनी रही। दिन भर जायरीन के विभिन्न समूह जुलूस के रूप में चादर लेकर दरगाह पहुंचे। ढोल नगाड़ों व सूफियाना कलामों के बीच निकले जुलूसों में खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा शरीक हुए। चादरों को चूमने के लिए भी अकीदतमंद में होड़ लगी नजर आई।
जन्नती दरवाजे पर लंबी कतार : जन्नती दरवाजे से जियारत के लिए जायरीन में होड़ लगी नजर आई। जियारत को आए अकीदतमंद की लंबी कतार जन्नती दरवाजे पर लगी रही। अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोग सिर पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल लिए खड़े नजर आए। इधर शाम को हुई रोशनी की दुआ के दौरान भी दरगाह परिसर खचाखच भरा नजर आया। परिसर में जगह-जगह हुई कव्वालियों की महफिल में भी खासी तादाद में जायरीन शरीक हुए।
उर्स में देर रात तक बनी रही रौनक
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