गुलाब जल व केवड़े से गुरुवार रात दरगाह की धुलाई करते अकीदतमंद।
अजमेर त्न सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के कुल के छींटे गुुरुवार देर रात को ही शुरू कर दिए। जबकि कुल की रस्म शुक्रवार को अदा की जाएगी। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। आस्ताना शरीफ की खिदमत का वक्त बदल जाएगा। उर्स में आए जायरीन शहर काजी मौलाना तौसिफ अहमद सिद्दीकी की इमामत में जुमे की नमाज अदा कर मुल्क की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ करेंगे। मगरिब की नमाज के बाद हिजरी संवत के रजब महीने की 6 तारीख लग जाने के कारण अनेक जायरीन ने गुरुवार रात में ही दरगाह के दरो दीवार को गुलाब जल व केवड़े से धोना शुरू कर दिया। आस्ताना शरीफ की दीवारों के साथ ही अहाता ए नूर में भी विभिन्न गेटों को जायरीन धोते नजर आए।
कुल के छींटे रात से ही शुरू, कुल व जुमे की नमाज आज
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