Saturday, 18 May 2013

801वें उर्स पर मुंबई से आई 801 मीटर लंबी चादर


BP657817-largeमहान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौेके पर लंबी चादर पेश करने का सिलसिला जारी है। शनिवार को मुंबई से आए जायरीन ने अब तक की सबसे बड़ी चादर पेश की।


ये जायरीन गरीब नवाज के 801र्वे उर्स के मौके पर 801 मीटर लंबी चादर लेकर पहुंचे। दरगाह बाजार में इस बड़ी चादर को जुलूस के रूप में ले जाया जा रहा है। चादर का एक सिरा धानमंडी तो दूसरा निजामगेट तक पहुंच गया।


भास्कर न्यूजत्न अजमेर


सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर शनिवार को आशिकाना ए ख्वाजा ने 801 मीटर लंबी चादर पेश कर मुल्क में अमन और भाईचारे की मन्नत मांगी। यह अब तक की सबसे लंबी चादर बताई जा रही है। इससे पहले दरगाह में 786 मीटर लंबी चादर पेश की गई थी। अस्र की नमाज के बाद मुंबई के जायरीन का एक दल फिरोज भाई की अगुवाई में देहली गेट से यह चादर लेकर रवाना हुआ। चादर की लंबाई का यह आलम था कि एक छोर धानमंडी था तो दूसरा मोती कटला से आगे नजर आ रहा था। खासी तादाद में जायरीन इस चादर को सिर पर रखे हुए थे और जगह-जगह चादर को चूमने की होड़ लगी नजर आई। जुलूस में शामिल अकीदतमंद दरूद शरीफ का विरद करते चल रहे थे और नात व मनकबत पेश कर रहे थे। इधर इस खूबसूरत और लंबी चादर को देखने के लिए जायरीन की भीड़ लग गई। दरगाह पहुंचते-पहुंचते पूरे क्षेत्र में इस चादर की चर्चा फैल गई। खादिम सैयद अब्दुल वदूद चिश्ती की वकालत में ये चादर पेश की गई।


786 मीटर लंबी पेश हो चुकी है : दरगाह में पूर्व में जोधपुर के जायरीन द्वारा 786 मीटर लंबी चादर पेश की गई थी। इससे पूर्व जोधपुर के ही जायरीन 105 मीटर लंबी चादर लेकर यहां आए थे। ये चादरें भी आकर्षण का केंद्र रहीं थीं।



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