भास्कर न्यूज। अजमेर
सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर सूबे में अमन व भाईचारे के लिए दुआ की गई। तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल यह चादर लेकर यहां पहुंचा।
मौलाना नूरूल रहमान बरकाती की अगुवाई में आए दल में श्रीकांत घोष, मुश्ताक अहमद, रफअत कुरैशी, हाजी सिबतैन आदि शामिल थे। दरगाह बाजार से ही कव्वालियों के साथ चादर को जुलूस के रूप में ले जाया गया। जुलूस पहले साई घाट पहुंचा। यहां अंजुमन सैयदजादगान के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद इकबाल चिश्ती की सदारत में महफिले कव्वाली हुई। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। इसके बाद गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की और दुआ की गई। सैयद इकबाल चिश्ती ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया। बाद में ममता बनर्जी का जायरीन के नाम भेजा संदेश पढ़ कर सुनाया गया। बनर्जी ने जायरीन को उर्स की मुबारकबाद पेश की और गरीब नवाज के इंसानियत के पैगाम को फैलाने के आग्रह किया। चिश्ती के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की ओर से पहली बार उर्स में चादर पेश की गई है।
ममता बनर्जी की चादर पेश
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