हिजरी संवत के रजब महीने की चार तारीख बुधवार को पूरी हो गई। इसे देखते हुए दरगाह के महफिल खाना में रात को उर्स की पांचवीं महफिल ए समां हुई। इसकी सदारत दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने की। देर रात तक चली महफिल में दरगाह के शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथियों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। देर रात को मजार शरीफ को गुस्ल दिया गया। इधर, गुरुवार रात को दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन की सदारत में महफिल खाना में उर्स की रात की महफिल ए समां होगी।
इसमें विभिन्न खानकाहों के सज्जादगान और जायरीन शरीक होंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से उर्स के कुल की महफिल होगी। इसकी सदारत भी दरगाह दीवान आबेदीन करेंगे। जुमे की नमाज को देखते हुए कुल की फातिहा के लिए दरगाह दीवान सुबह 12.15 जन्नती दरवाजा से होते हुए आस्ताना शरीफ में दाखिल होंगे। इसके बाद वे बेगमी दालान से वापस महफिल खाना होते हुए खानकाह जाएंगे। कलंदर व मलंग दागोल की रस्म अदा करेंगे। इसके साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा। उर्स के दौरान की जुमे की नमाज दोपहर 1.15 बजे बाद अदा की जाएगी। इधर बड़े कुल की रस्म सोमवार को होगी।
उर्स की रौनक बढ़ी
इधर जायरीन के आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा यहां पहुंचे। जायरीन की आवक से दरगाह क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में खासी रौनक बनी हुई है। जुलूस के रूप में चादर लेकर जाने का सिलसिला भी देर रात तक जारी रहा। जन्नती दरवाजे के बाहर जायरीन की लंबी कतार लग रही है।
अंजुमन की ओर से पेश होगी चादर
छठी शरीफ की रस्म खुद्दाम ए ख्वाजा द्वारा शुक्रवार को अदा कराई जाएगी। इस मौके पर अंजुमन सैयदजादगान की ओर से धूमधाम से चादर पेश की जाएगी। जुमे की नमाज को देखते हुए जन्नती दरवाजा भी 12.30 बजे बंद हो जाएगा। अंजुमन सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह के मुताबिक शुक्रवार को सुबह लगभग 8 बजे आस्ताना शरीफ में जायरीन पर रोक रहेगी। आस्ताना शरीफ में केवल खुद्दाम ही रहेंगे। रस्म सुबह 8.30 बजे अहाता ए नूर में शुरू होगी।
महफिल-ए-समां आज
गरीब नवाज के उर्स के मौके पर गुदड़ीशाही खानकाह में गुरुवार को महफिल ए समां होगी। इसमें स्थानीय कव्वालों के साथ ही बाहर से आए कव्वाल भी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। खानकाह के मैनेजर अख्तर अली के मुताबिक रात 9.30 बजे झालरा स्थित खानकाह में महफिल की शुरूआत होगी। इसकी सदारत हजरत इनाम हसन गुदड़ीशाह बाबा करेंगे।
परवीन रंगीली ने बांधा समां
मशहूर महिला कव्वाल परवीन रंगीली की पहली महफिल बुधवार रात को हुई। दरगाह क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में हुई इस महफिल की सदारत सैयद अजीज बुर्राकी ने की। देर रात तक चली महफिल में रंगीली ने गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। इस मौके पर खासी तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे।
जुमे की नमाज व्यवस्था का लिया जायजा
गरीब नवाज के उर्स की छठी और जुमे की नमाज को लेकर बुधवार को प्रशासन ने दरगाह परिसर में की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दरगाह दीवान के आने जाने व दागोल की रस्म को देखते हुए परिसर में रस्से लगा कर व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जाएंगे। एडीएम सिटी जगदीश पुरोहित और एसपी गौरव श्रीवास्तव के साथ ही अन्य अधिकारी दरगाह पहुंचे। उनके साथ अंजुमन सैयदजादगान के सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, सदस्य जान मोहम्मद, दरगाह कमेटी के कार्यवाहक नाजिम हाजी मोहम्मद सिद्दीक साथ थे। अंजुमन व दरगाह कमेटी पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी कि इस बार छठी व कुल की रस्म 1.15 बजे की बजाए एक घंटे पूर्व 12.15 बजे होगी। लेकिन जुमे की नमाज के लिए शाहजहांनी मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 8-9 बजे से ही जायरीन नमाज की सफ लगा कर बैठ जाएंगे। इसके साथ ही अन्य रस्में होंगी। सभी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं निर्धारित की गई।
दीवान आज पेश करेंगे दुआनामा
उर्स की कुल की रस्म की पूर्व संध्या पर गुरुवार को दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान खानकाह शरीफ से दुआ नामा जारी करेंगे। इस मौके पर विभिन्न दरगाहों के सज्जादानशीन, सूफी मशायख और अन्य लोग उपस्थित रहेंगे। दरगाह दीवान के सचिव एवं जानशीन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती के अनुसार परंपरा के मुताबिक दरगाह स्थित खानकाह पर दोपहर तीन बजे से शाम छ: बजे तक कदीम महफिल ए समां होगी। इसकी सदारत दीवान आबेदीन करेंगे। उनके साथ उनके पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती भी मौजूद होंगे। महफिल में देश के खानकाही कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे।
खास बात यह है कि इस पारंपरिक आयोजन में देश की प्रमुख चिश्तिया दरगाहों के सज्जादगान उपस्थित रहेंगे। नसीरुद्दीन ने बताया कि कव्वाली के बाद शाम छ: बजे फातेहा और विशेष दुआ होगी। इस अवसर पर दीवान आबेदीन देश और दुनिया में ख्वाजा गरीब नवाज में आस्था रखने वाले हर धर्म व संप्रदाय के जायरीनों के लिए ख्वाजा साहब की शिक्षाओं, उपदेशों, मजहबी एकता, मुल्क में अमन चैन, तरक्की एवं विश्व शांति के लिए दुआनामा जारी करेंगे। इसके बाद जायरीनों को तबरुक तकसीम किया जाकर महफिल का समापन होगा। इसी दिन रात्री में ख्वाजा साहब के मजार पर दरगाह दीवान द्वारा अंतिम गुस्ल दिया जाएगा।
सूफी जिलानी ने उठाए सवाल
वल्र्ड सूफी काउंसिल के अध्यक्ष सूफी जिलानी ने कहा कि प्रशासन जायरीन को सुविधा नहीं दे रहा है, बल्कि उन्हें हरेसमेंट कर रहा है। आनासागर विश्राम स्थली पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लगा दिए गए हैं। इससे जायरीन में दहशत फैल रही है। वे बुधवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या यहां कोई आतंकवादी हमला होने वाला है, जिसकी वजह से ये हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। उन्होंने पैदल आए जायरीन को पिछले दिनों प्राइवेट बस स्टैंड पर पुलिस द्वारा पीटे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आनासागर विश्राम स्थली के जिस हिस्से पर पानी नहीं भरा है, वहां जायरीन को ठहराया जाना चाहिए।
मनमाना किराया वसूली
सूफी जिलानी ने कहा कि कायड़ विश्राम स्थली से फव्वारा सर्किल तक बस से आने का किराया प्रशासन ने 8 रुपए तय किया। लेकिन हालत यह है कि प्राइवेट वाहन मालिक 40से 80 रुपए सवारी तक वसूल रहे हैं। इस वसूली को रोका जाना चाहिए।
ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स में रात की आखिरी महफिल आज
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