Tuesday, 21 May 2013

प्रशासन ने चादर पेश कर शुक्राना अदा किया


फोटो: बाल किशन शर्मा

फोटो: बाल किशन शर्मा


अजमेर|उर्स के शांतिपूर्वक समापन पर सोमवार को जिला प्रशासन ने ख्वाजा साहब का शुक्राना अदा किया। प्रशासनिक अधिकारी बैंडवादन और कव्वाली के साथ धूमधाम से गरीब नवाज के दर मखमल की चादर और अकीदत के फूलों का नजराना लेकर पहुंचे। सोमवार सुबह करीब 11 बजे कलेक्टर वैभव गालरिया, एसपी गौरव श्रीवास्तव के नेतृत्व में संपूर्ण प्रशासनिक व पुलिस अमला दरगाह पहुंचा। ,


अधिकारी दरगाह के बुलंद दरवाजे से चादर को जुलूस के रूप में लेकर रवाना हुए। आगे सीआरपीएफ के बैंडवादक सूफियाना धुन बजा रहे थे और दरगाह की शाही चौकी के कव्वाल असरार हुसैन और साथी गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश करते हुए चल रहे थे। जुलूस दरगाह में विभिन्न मार्गों से होता हुआ आस्ताना शरीफ पहुंचा। गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए। खादिम सैयद मुकद्दस मोईनी नेे शुक्राना की चादर चढ़वाई और सभी अधिकारियों की दस्तारबंदी की।


दस्तारबंदी कर इस्तकबाल : अंजुमन सैयदजादगान के सदर सैयद हिसामुद्दीन नियाजी व सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, अंजुमन शेखजादगान के उपाध्यक्ष एस. मोहम्मद आरिफ चिश्ती, सचिव एस. हफीजुर्रहमान चिश्ती आदि ने कलेक्टर, एसपी समेत सभी अधिकारियों की दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया।


ये भी थे :इस मौके पर मेला मजिस्ट्रेट एवं एडीएम सिटी जे के पुरोहित, एएसपी डॉ$ रामदेव सिंह व नरेंद्र सिंह चौधरी एवं अन्य पुलिस अधिकारी, नगर निगम की मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनीता श्रीवास्तव, डीएसओ सुनीता डागा, सहायक कलक्टर अनिता चौधरी, आरटीओ सत्येंद्र कुमार नामा, डीटीओ सुधीर बंसल, दरगाह कमेटी के दारोगा मोबीन अहमद खान, उप निदेशक सूचना एवं जनसंपर्क प्यारे मोहन त्रिपाठी सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।



Monday, 20 May 2013

बड़ा कुल हुआ, 801वां उर्स संपन्न


BP661665-largeभास्कर न्यूज त्न अजमेर


महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स का सोमवार को बड़े कुल के छींटों के साथ समापन हो गया। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन वापस लौट गए और दरगाह क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से जारी रौनक भी फीकी पड़ गई। सोमवार सुबह 8 बजे आस्ताना शरीफ जायरीन के लिए बंद कर दिया गया। खुद्दामे ख्वाजा ही आस्ताना शरीफ में रहे। खादिमों ने परंपरा के मुताबिक गरीब नवाज की मजार को केवड़े और गुलाब जल से गुस्ल दिया।


मजार शरीफ को संदल पेश की गई। फातिहा के बाद मौजूद जायरीन और देशवासियों के लिए दुआ की गई। इधर आस्ताना शरीफ के बाहर देश भर से आए जायरीन ने केवड़े, गुलाब जल और सादा पानी से दरगाह परिसर व आस्ताना शरीफ के दरो-दीवार की धुलाई की। अनेक अकीदतमंद इस पानी को बतौर तबर्रुक बोतलों में भरने लगे और अपने साथ ले गए। महिलाओं ने भी दरगाह के अहाता ए नूर की फर्श आदि की धुलाई की। कुछ अकीदतमंद ने गाजेबाजे के साथ कुल की रस्म में शिरकत की। अहाता ए नूर, अरकाट का दालान, सेहन बाबा फरीद समेत विभिन्न हिस्सों में जायरीन ही जायरीन नजर आ रहे थे।


नियाज दिलाई, तबर्रुक तकसीम किया


इधर अनेक जायरीन ने इस मौके पर नियाज दिलाई और तबर्रुक तकसीम किया। इस तबर्रुक को पाने के लिए जायरीन में होड़ लगी नजर आई। इधर घरों में भी नियाज दिला कर तबर्रुक तकसीम किया गया। खादिमों ने भी लौटने वाले मेहमानों की दस्तारबंदी की और उन्हें तबर्रुक भेंट कर विदा किया। जायरीन लौटे बड़े कुल की रस्म के समापन के साथ ही सुबह करीब 11 बजे से ही दरगाह बाजार, नला बाजार और आसपास के क्षेत्रों से जायरीन के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया। बैग और सूटकेस-थैले उठाए जायरीन के अलग-अलग समूह पैदल ही रेलवे स्टेशन, फव्वारा सर्किल की ओर जाते नजर आए। जिन जायरीन के पास अधिक सामान था वे हाथ ठेलों में सामान लदवा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड की ओर जाते दिखे। विभिन्न क्षेत्रों से शाम तक जायरीन के लौटने का क्रम देर शाम तक बना हुआ था। दरगाह बाजार में भी रौनक कम हो गई थी।


उर्स के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 23 हजार से अधिक रोगियों का उपचार किया। उर्स के मद्देनजर विभाग ने शहर में 10 अस्थायी डिस्पेंसरी लगाई। जहां रोगियों का निशुल्क उपचार कर दवा दी गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ लक्ष्मण हरचंदानी ने बताया कि विभाग द्वारा लगाई गई अस्थायी डिस्पेंसरियों में 23 हजार 949 जायरीन रोगियों का उपचार किया गया। 89 रोगियों को रेफर किया गया जिनमें से 45 को जेएलएन अस्पताल में भर्ती किया गया। बुखार के 145, उल्टी-दस्त के 46, उल्टी के 597, दस्त के 733 रोगियों का उपचार कर निशुल्क दवा दी गई।


तारागढ़ स्थित हजरत मीरां सैयद खिंग सवार की दरगाह में मंगलवार को शहजादा अली असगर का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर चरागां होगा और महफिल-ए-मीलाद होगी। तारागढ़ दरगाह इंतेजामिया कमेटी के सचिव सैयद सगीर अब्बास के मुताबिक रजब की 10 तारीख को शहजादा अली असगर का जन्मोत्सव का दिन है। अब्बास के मुताबिक अली असगर करबला के सबसे मासूम शहीद हैं, जिनकी शहादत के समय 6 महीने की आयु थी। इस मौके पर अंजुमन गुलशन-ए-जाफरिया की ओर से आयोजन होंगे।



उर्स स्पेशल का संचालन बांद्रा से आज होगी रवाना


14mar_railwayख्वाजा गरीब नवाज के 801वें उर्स में जायरीन की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वारा बांद्रा टर्मिनस-अजमेर (एक तरफा) उर्स स्पेशल का संचालन किया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09610 बांद्रा टर्मिनस-अजमेर उर्स स्पेशल 21 मई को बांद्रा टर्मिनस से 17$ 45 बजे रवाना होकर 22 मई को 17$ 30 बजे अजमेर पहुंचेगी। यह गाड़ी बोरीवली, वापी, वलसाड, सूरत, बड़ोदरा, अहमदाबाद, पालनपुर, आबूरोड, फालना, ब्यावर, एवं दौराई स्टेशनों पर ठहराव करेगी।


डिब्बों में स्थायी बढ़ोतरी : अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए रेल प्रशासन ने मुज्जफरपुर-अहमदाबाद-मुज्जफरपुर जन साधारण एक्सप्रेस एवं राजेंद्र नगर-अजमेर-राजेंद्र नगर इबादत एक्सप्रेस के डिब्बों में स्थायी बढ़ोतरी की है। मुज्जफरपुर-अहमदाबाद-मुज्जफरपुर जन साधारण एक्सप्रेस में 4 द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बों की स्थायी बढ़ोतरी की गई। गाड़ी संख्या 15269/15270, मुज्जफरपुर-अहमदाबाद-मुज्जफरपुर जन साधारण एक्सप्रेस में मुज्जफरपुर से 23 मई से एवं अहमदाबाद से 26 मई से 4 द्वितीय साधारण श्रेणी डिब्बों की स्थायी बढ़ोतरी की गई।



महिला कव्वालों ने पेश किए सूफियाना कलाम


9248_92एक दिन के बादशाह का उर्स धूमधाम से मनाया


एक दिन के बादशाह निजाम सक्का का उर्स सोमवार को दरगाह परिसर में धूमधाम से मनाया गया। उर्स में अब्बासियान समाज के लोगों ने शिरकत की और गरीब नवाज की मजार के साथ ही एक दिन के बादशाह की मजार पर चादर पेश की। जोहर की नमाज के बाद अहाता-ए-नूर के पास स्थित एक दिन के बादशाह की मजार को गुस्ल दिया गया। नौजवान अब्बासियान(भिश्ती) संस्था के पूर्व अध्यक्ष मच्छू खान अब्बासी भिश्ती समेत विभिन्न गणमान्य लोग भी शरीक थे। इस मौके पर अजीम व पप्पन कव्वाल ने सूफियाना कलाम पेश किए। मकबूल अहमद व ख्वाजा अहमद चिश्ती ने उर्स में शरीक हुए गणमान्य लोगों की दस्तारबंदी की।


मशहूर महिला कव्वाल परवीन रंगीली ने भी उर्स के मौके पर गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की।


गरीब नवाज के 801वें उर्स के मौके पर सोमवार को झालरा स्थित उस्मानी मोईनी गुदड़ीशाही खानकाह में महफिल ए रिंदा का आयोजन हुआ। देर रात तक चली महफिल में मशहूर महिला कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। दरगाह में आस्ताना शरीफ मामूल होने के बाद खानकाह में हजरत इनाम हसन गुदड़ीशाह पंचम की सदारत में महफिल की शुरुआत हुई। मशहूर महिला कव्वाल परवीन रंगीली के साथ ही हिना परवीन, शमा तबस्सुम और कौसर लखनवी ने गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। इस मौके पर खासी तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे।


जश्न ए गरीब नवाज : दरगाह में जश्न-ए-गरीब नवाज का आयोजन हुआ। अहाता-ए-नूर में जश्न की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलावत से हुई।



28 हजार से अधिक जायरीन को मुफ्त दवा


imagesउर्स के मौके पर दरगाह में ख्वाजा गरीब नवाज फ्री मेडिकल कैंप में 28 हजार 2 सौ 35 जायरीन का उपचार किया गया। इन जायरीन को 1 लाख रुपए से अधिक दवाएं मुफ्त दी गईं। गरीब नवाज मेडिकल फाउंडेशन व आल इंडिया मिल्ली सेक्रेटेरियट की ओर से रजब की एक तारीख से दरगाह की अकबरी मस्जिद के नीचे मेडिकल कैंप लगाया गया था। संयोजक डॉ सलीम कादरी की अगुवाई में डॉ अशरफ कादरी, डॉ निसार पठान, डॉ जब्बार कुरैशी, डॉ बदरे आलम, डॉ नसीमुद्दीन, डॉ अल्ताफ, डॉ असलम मर्चेंट, डॉ अब्दुल रहीम और डॉ माचिस वाला समेत 20 डॉक्टर और इतने ही पैरामेडिकल स्टाफ ने 24 घंटे सेवाएं दीं। शिविर के समाप्त होने तक मरीजों का तांता लगा रहा। जितनी दवाएं लाई गई थी वो समाप्त हो गई।



Sunday, 19 May 2013


shivraj645_1288651924अजमेर| उर्स के मौके पर रविवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से चादर पेश की गई। राज्य के पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के उपाध्यक्ष एस के मुद्दीन की अगुवाई में आए प्रतिनिधिमंडल ने यह चादर पेश की और सूबे की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ की। उपाध्यक्ष एस के मुद्दीन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल का दरगाह के निजामगेट पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री अब्दुल वहीद खान ने स्वागत किया। बुलंद दरवाजे से सिर पर चादर और अकीदत के फूल लेकर मुद्दीन रवाना हुए। आस्ताना शरीफ पहुंच कर गरीब नवाज की मजार पर अकीदत का नजराना पेश किया।



निजाम सक्का का उर्स आज


P1060345भास्कर न्यूजत्न अजमेर


एक दिन के बादशाह निजाम सक्का का उर्स दरगाह परिसर में सोमवार को मनाया जाएगा। उर्स में शिरकत के लिए विभिन्न हिस्सों से अब्बासी समाज के लोग आएंगे। नौजवान अब्बासियान (भिश्ती) संस्था के पूर्व अध्यक्ष मच्छू खान अब्बासी भिश्ती के मुताबिक 9 रजब को जोहर की नमाज के बाद उर्स की शुरुआत होगी। शाम चार बजे चादर पेश की जाएगी। इस मौके पर अजीम व पप्पन कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे। भिश्ती समाज व कौम की ओर से पहले गरीब नवाज के आस्ताने पर चादर पेश की जाएगी। दस्तारबंदी मकबूल अहमद व ख्वाजा अहमद चिश्ती करेंगे।



हजरत मीरां सैयद खिंग सवार का उर्स 24 से


untitledआज तारागढ़ दरगाह में शादियाने बजाए जाएंगे


भास्कर न्यूजत्नअजमेर

हजरत मीरां सैयद खिंग सवार का उर्स इस बार 24 मई से शुरू होगा। सोमवार को तारागढ़ दरगाह में शादियाने बजाए जाएंगे। पंचायत खुद्दाम सैयदजादगान के सचिव सैयद अबरार हुसैन के मुताबिक सोमवार को सुबह 9 बजे दरगाह में शादियाने बजाए जाएंगे।


इसके बाद चौपेरा बैठेगा और इंतजामिया कमेटी तारागढ़ दरगाह के सचिव सगीर अब्बास, सदस्य गुलाम इमाम और सज्जाद हुसैन आदि बैठक कर उर्स की शुरूआत करेंगे। रजब की 13 तारीख अर्थात 24 मई को शाम पांच बजे हताई चौक से झंडे का जुलूस शुरू होगा। पंचायत खुद्दाम सैयदजादगान के सदर सैयद जलाल हुसैन समेत विभिन्न पदाधिकारी और खुद्दाम के साथ ही जायरीन जुलूस में शरीक होंगे। ढोल नगाड़े और सूफियाना कलाम के बीच यह जुलूस रवाना होगा। विभिन्न मार्गों से होता हुआ जुलूस दरगाह पहुंचेगा। यहां बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाया जाएगा और उर्स की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। रजब की 18 तारीख तक यह उर्स चलेगा।



किन्नरों ने महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया


aकिन्नरों ने रविवार को मोती कटला में महफिल-ए-कव्वाली का आयोजन किया। कलामों पर किन्नरों ने नोट बरसाए।


मोती कटला में किन्नरों की ओर से महफिल ए समां का आयोजन किया गया। विभिन्न कव्वालों ने गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। महफिल के दौरान किन्नरों ने नोटों की बारिश कर दी। कुछ किन्नर झूमते नजर आए। बाद में किन्नर जुलूस के रूप में दरगाह बाजार होते हुए ये दरगाह पहुंचे और गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश कर मन्नत मांगी।


नजर नियाज का अहतमाम : अंजुमन शेखजादगान की ओर से इस मौके पर नजर नियाज का अहतमाम किया जाएगा। सहसचिव एस. नसीम अहमद चिश्ती के मुताबिक सोमवार को ही कायड़ में जारी कैंप का समापन उपाध्यक्ष एस आरिफ चिश्ती करेंगे।


महफिल ए कव्वाली का लुत्फ उठाते किन्नर।



बड़े कुल के छींटे रात से ही शुरू


ds562501-largeअजमेर सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के बड़े कुल के छींटे रविवार देर रात को ही शुरू कर दिए। बड़े कुल की रस्म सोमवार सुबह अदा की जाएगी। मगरिब की नमाज के बाद हिजरी संवत के रजब महीने की 9 तारीख लग जाने के कारण अनेक जायरीन ने रात में ही दरगाह के दरो दीवार को गुलाब जल व केवड़े से धोना शुरू कर दिया। आस्ताना शरीफ की दीवारों के साथ ही अहाता ए नूर में भी विभिन्न दरवाजों को जायरीन धोते नजर आए। कुछ जायरीन इस पानी को जमीन पर नीचे गिरने से पहले ही वापस बोतलों में भरते नजर आए। वे इसे बतौर तबर्रुक अपने साथ ले गए।


सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के बड़े कुल की रस्म अदायगी के साथ ही सोमवार को उर्स का विधिवत रूप से समापन हो जाएगा। इधर दरगाह क्षेत्र में अभी उर्स की रौनक बनी हुई है। जायरीन अलग-अलग समूहों में जुलूस के रूप में चादर पेश करने आ रहे हैं। किन्नरों की ओर से भी चादर व फूल पेश करने का सिलसिला जारी है।


अंजुमन सैयदजादगान के सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह के मुताबिक सोमवार को सुबह 8 बजे आस्ताना शरीफ जायरीन के लिए बंद कर दिया जाएगा। आस्ताना शरीफ में खुद्दाम ए ख्वाजा ही मौजूद रहेंगे। खुद्दाम हजरात गरीब नवाज की मजार को केवड़े व गुलाब जल से गुस्ल देंगे। मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ की जाएगी। इधर आस्ताना शरीफ के बाहर देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन गुलाब जल व केवड़े से परिसर की धुलाई करेंगे। इसके साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा।


रविवार को दिन भर जुलूस का सिलसिला जारी रहा। अधिकतर जायरीन फव्वारा सर्किल से मखमल की चादरों को फैला कर जुलूस के रूप में रवाना हुए। आगे अकीदतमंद ढोल ढमाकों के साथ चल रहे थे। ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे और मेरा ख्वाजा हिंद का राजा आदि सदाएं लगाते हुए चल रहे थे। ये जुलूस गंज, देहली गेट और दरगाह बाजार होते हुए दरगाह पहुंचे। आस्ताना शरीफ पहुंच कर इन अकीदतमंद ने मजार पर चादर और फूल पेश कर मन्नत मांगी।


बुनकर तैयार करते हैं चादर


सरफराज अहमद ने बताया कि इस चादर को तैयार करने में लगभग 6 महीने का वक्त लगा और बुनकर ही इसे तैयार करते हैं। चादर लेकर आने वाले लोग पहले दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह से भी मिल कर आए हैं।


कलंदरों ने पेश की चादर : इधर आज सुबह देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलंदर व मलंग भी धूमधाम से चादर पेश करने के लिए दरगाह पहुंचे। जुलूस में शामिल कलंदर व मलंग हैरतअंगेज करतब पेश करते हुए चल रहे थे। कुछ कलंदर हाथों में परचम लिए चल रहे थे। मलंगों के हैरतअंगेज करतब देखने के लिए जायरीन की भीड़ लगी नजर आ रही थी। बाद में यह चादर गरीब नवाज की मजार पर पेश कर मन्नत मांगी गई।


 



बनारस के जायरीन ने पेश की तिरंगी चादर


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बनारस से आए जायरीन के दल ने रविवार को सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की मजार पर तिरंगी चादर पेश की। राष्ट्रीय बुनकर एक्शन कमेटी के अध्यक्ष सरफराज अहमद की अगुवाई में 250 जायरीन का दल यह चादर पेश करने यहां पहुंचा।

सरफराज अहमद के साथ ही दल के सदस्य देहली गेट से जुलूस के रूप में चादर लेकर रवाना हुए। जुलूस में समाज कल्याण विभाग के सदस्य भरत शर्मा वार्ड अध्यक्ष शौकत भाई आदि भी शामिल थे। यह चादर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई थी। चादर पर गरीब नवाज का गुंबद बना हुआ था। दरगाह बाजार में चादर को चूमने के लिए जायरीन में होड़ लग गई। अस्र की नमाज के बाद चादर का जुलूस दरगाह पहुंचा। मजार शरीफ पर चादर पेश कर अमन और भाईचारे की मजबूती के लिए दुआ की गई। खादिम रईस चिश्ती ने उन्हें जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया।



Saturday, 18 May 2013

बड़े कुल की रस्म कल सुबह 8 बजे से


0448अजमेर| सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के उर्स के बड़े कुल की रस्म सोमवार को सुबह 8 बजे खुद्दाम ए ख्वाजा अदा कराई कराएंगे। इसके बाद जायरीन दरगाह की धुलाई करेंगे।


अंजुमन सैयदजादगान के सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह के मुताबिक सुबह 8 बजे आस्ताना शरीफ में खुद्दाम हजरात ही रहेंगे। यहां बड़े कुल की रस्म अदा करेंगे। इधर आस्ताना शरीफ के बाहर देश भर से आए जायरीन दरगाह को गुलाब जल, केवड़ा व सादा पानी से धोएंगे। इसके साथ उर्स का विधिवत समापन हो जाएगा।


 


शीला दीक्षित की ओर से चादर आई


अजमेर| महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर शनिवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की ओर से चादर पेश की गई। दिल्ली उर्स कमेटी के अध्यक्ष चौधरी सलाउद्दीन अहमद की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल यह चादर पेश करने पहुंचा। चौधरी सलाउद्दीन और तारीक सिद्दीकी समेत आधा दर्जन लोग यह चादर लाए।


अहाता ए नूर से सिर पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल सिर पर लेकर सलाउद्दीन आदि आस्ताना शरीफ पहुंचे। उन्हें खादिम सैयद जहूर बाबा चिश्ती ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया।


एमपी के सीएम की चादर आज पेश होगी


अजमेरत्न सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर रविवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की ओर से चादर पेश की जाएगी। एमपी मदरसा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष एसकेमुद्दीन की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल यह चादर पेश करेगा। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व प्रदेश महामंत्री अब्दुल वहीद खान के मुताबिक सुबह 11 बजे दरगाह में यह चादर पेश की जाएगी। एसकेमुद्दीन यह चादर लेकर शनिवार रात को ही यहां पहुंच गए।



किन्नरों ने पेश किया चांदी का कलश


BP657815-largeसूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के बड़े कुल की रस्म सोमवार को अदा की जाएगी। बड़े कुल में शरीक होने के लिए शनिवार को भी खासी तादाद में अकीदतमंद पहुंचे। इधर दरगाह क्षेत्र में रौनक बनी हुई है और किन्नरों के अलग-अलग समूह जुलूस के रूप में चादर लेकर दरगाह पहुंच रहे हैं। दिल्ली के एक किन्नर ने पांच किलो चांदी का कलश धूमधाम से पेश किया।


आज भी सुबह से ही चादरों के जुलूस दरगाह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। फव्वारा सर्किल से जायरीन के विभिन्न समूह खूबसूरत और आकर्षक चादरों को जुलूस के रूप में लेकर रवाना हुए। ढोल ढमाकों के बीच निकले जुलूसों में खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा शरीक हुए। ख्वाजा का दामन नहीं छोड़ेंगे, मेरा ख्वाजा हिंद का राजा, नारा ए तकबीर अल्लाह ओ अकबर समेत विभिन्न सदाएं लगाते हुए जायरीन चल रहे थे। जुलूस में खासी तादाद में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। गंज, देहली गेट और दरगाह बाजार होते हुए जुलूस दरगाह पहुंचे। इन जायरीन ने अपने-अपने दुआगो की वकालत में ये चादरें गरीब नवाज की मजार पर पेश कीं और मन्नत मांगी।


इधर दोपहर बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आए किन्नर भी अलग-अलग जुलूस के रूप में चादर लेकर दरगाह पहुंचे। धानमंडी व मोती कटला से शुरू हुए जुलूसों में कुछ किन्नर ढोल ढमाकों की थाप पर थिकरते हुए चल रहे थे। किन्नरों की चादरों के जुलूस को देखने के लिए दरगाह बाजार में खासी भीड़ जमा हो गई। बाजार में स्थित विभिन्न गेस्ट हाउस और मकानों के झरोखों में भी लोग जमा थे। इधर मकानों व गेस्ट हाउस में रह रहे किन्नरों ने चादरों के जुलूस के दौरान नोट लुटाए और इन्हें लूटने के लिए लोगों में होड़ लगी नजर आई। जैसे ही जुलूस दरगाह के सामने पहुंचता, किन्नर अदब में सिर ढंक लेते और चादर को आस्ताना शरीफ चढ़ाने के लिए ले जाते।


कलश पेश किया


इधर दिल्ली के एक किन्नर ने गरीब नवाज के दर 5 किलो चांदी का कलश पेश किया। सैयद अहमद चिश्ती की वकालत में ये कलश पेश किया गया।


रोशनी की दुआ में शिरकत : देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन ने दरगाह में रोशनी की दुआ में शिरकत की। रोशनी का डंका होते ही जो जायरीन जहां था वहीं दुआ के लिए हाथ उठाए खड़ा हो गया। खुद्दाम ए ख्वाजा ने यह दुआ कराई। इधर आस्ताना शरीफ के बाहर भी जायरीन की लंबी कतार लगी नजर आ रही है।


दरगाह में कलश चढ़ाने के लिए शनिवार को किन्नर सजध कर निकले। गरीब नवाज की दरगाह पहुंचकर किन्नरों ने सबकी खुशहाली की दुआ की।


किन्नरों की चादरें भी पहुंचने लगीं



गुजरात के राज्यपाल की ओर से चादर पेश


BP657821-largeअजमेर| सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर शनिवार को गुजरात की राज्यपाल डॉ कमला की ओर से ख्वाजा साहब की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए। गुजरात राज्यपाल की ओर से चादर लेकर उनके एडीसी लेफ्टिनेंट कमांडर अमित चौरसिया आदि लेकर आए। शनिवार सुबह करीब 9 बजे एडीसी और अन्य अधिकारी चादर लेकर दरगाह पहुंचे। वे बुलंद दरवाजे से सिर पर अकीदत का नजराना सिर पर लेकर आस्ताना शरीफ में दाखिल हुए। मजार मुबारक पर चादर व फूल पेश कर मुल्क में अमन व भाई चारे की मन्नत मांगी। खादिम सैयद मुकद्दस मोईनी ने उन्हें जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया। बाद में एडीसी चौरसिया ने बुलंद दरवाजे से राज्यपाल का संदेश जायरीन को पढ़ कर सुनाया।


यह भेजा संदेश : राज्यपाल डॉ कमला ने जायरीन के नाम भेजे संदेश में कहा कि गुजरात प्रदेशवासियों की ओर से वे गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश करवा रही हैं। हजरत ख्वाजा गरीब नवाज ने दीन-दुखियों एवं बेसहारा लोगों की सेवा कर मानवता, प्रेम एवं करुणा का संदेश दिया। गरीब नवाज ने शांति एकता एवं आपसी भाईचारे की भावना को सुदृढ़ रखते हुए मानवता के सिद्धांतों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। राज्यपाल ने उर्स के मुबारक मौके पर देश और राज्य में सुख शांति एवं प्रगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।



जायरीन के लौटने का सिलसिला जारी


BP657819-largeअजमेर| कुल की रस्म के साथ ही जायरीन के लौटने का सिलसिला तेज हो गया है। शनिवार शाम तक विश्राम स्थलियों पर से 25 हजार जायरीन लौट चुके हैं। शनिवार शाम तक कायड़ विश्राम स्थली पर अब भी करीब 15 हजार जायरीन थे। उर्स के दौरान 70 हजार जायरीन थे। दो दिन में 55 हजार जायरीन लौट चुके हैं। इसी प्रकार ट्रांसपोर्ट नगर विश्राम स्थली पर पांच हजार जायरीन रहे हैं। सोमवार तक प्रशासन विश्राम स्थलियों पर व्यवस्था यथावत रखेगा।



801वें उर्स पर मुंबई से आई 801 मीटर लंबी चादर


BP657817-largeमहान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौेके पर लंबी चादर पेश करने का सिलसिला जारी है। शनिवार को मुंबई से आए जायरीन ने अब तक की सबसे बड़ी चादर पेश की।


ये जायरीन गरीब नवाज के 801र्वे उर्स के मौके पर 801 मीटर लंबी चादर लेकर पहुंचे। दरगाह बाजार में इस बड़ी चादर को जुलूस के रूप में ले जाया जा रहा है। चादर का एक सिरा धानमंडी तो दूसरा निजामगेट तक पहुंच गया।


भास्कर न्यूजत्न अजमेर


सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर शनिवार को आशिकाना ए ख्वाजा ने 801 मीटर लंबी चादर पेश कर मुल्क में अमन और भाईचारे की मन्नत मांगी। यह अब तक की सबसे लंबी चादर बताई जा रही है। इससे पहले दरगाह में 786 मीटर लंबी चादर पेश की गई थी। अस्र की नमाज के बाद मुंबई के जायरीन का एक दल फिरोज भाई की अगुवाई में देहली गेट से यह चादर लेकर रवाना हुआ। चादर की लंबाई का यह आलम था कि एक छोर धानमंडी था तो दूसरा मोती कटला से आगे नजर आ रहा था। खासी तादाद में जायरीन इस चादर को सिर पर रखे हुए थे और जगह-जगह चादर को चूमने की होड़ लगी नजर आई। जुलूस में शामिल अकीदतमंद दरूद शरीफ का विरद करते चल रहे थे और नात व मनकबत पेश कर रहे थे। इधर इस खूबसूरत और लंबी चादर को देखने के लिए जायरीन की भीड़ लग गई। दरगाह पहुंचते-पहुंचते पूरे क्षेत्र में इस चादर की चर्चा फैल गई। खादिम सैयद अब्दुल वदूद चिश्ती की वकालत में ये चादर पेश की गई।


786 मीटर लंबी पेश हो चुकी है : दरगाह में पूर्व में जोधपुर के जायरीन द्वारा 786 मीटर लंबी चादर पेश की गई थी। इससे पूर्व जोधपुर के ही जायरीन 105 मीटर लंबी चादर लेकर यहां आए थे। ये चादरें भी आकर्षण का केंद्र रहीं थीं।



Friday, 17 May 2013

कभी पानी की थैली बांटता दिखा तो कभी जानमाज


0255_63अजमेर। दरगाह व आसपास के क्षेत्रों में उर्स के दौरान विशेष जायरीन को जो पैसे जायरीन से भेंट में मिले, उनसे उसने अखबार खरीदे और जुमे की नमाज में नमाजियों को बांट दिए। नमाजियों को जानमाज मिला उनके सदके में उसका सजदा कबूल हुआ।


दिल्ली गेट पर दोपहर की तपती गर्मी और बैरिकेटिंग के बीच लकड़ी के पट्टे पर खुद को घिसटते सलीम के चेहरे न शिकन थी और न ही थकावट का कोई चिह्न। जब तक सफें पूरी बिछ न गई, नमाज शुरू न हो गई वह अपने काम में जुटा रहा। उसके जज्बे ने औरों को भी आगे आने पर मजबूर कर दिया। फिर तो कोई पानी के पाउच बांटने में जुट गया तो कोई कुछ और।


जुमे की नमाज में नमाजियों को जानमाज (बिछौना) देने का सिलसिला नमाज शुरू होने से पहले तक अनवरत जारी था। दरगाह बाजार, धानमंडी, दिल्ली गेट, गंज, फव्वारा सर्किल सहित आसपास के क्षेत्रों में ऐसे ही कई नजारे नमाज के दौरान देखने को मिले। दुकानदार, क्षेत्रवासी और दूरदराज से आए कई जायरीन नमाजियों को भरी धूप में बिछौना बांटकर इस नेक काम का हिस्सा बने। जुमे की नमाज से ठीक पहले और समाप्ति के बाद तक पानी पिलाने का सिलसिला थमा नहीं। फिजिकली चैलेंज्ड सलीम कई लोगों के लिए मिसाल बना। वह कभी पानी की थैली बांटता दिखा तो कभी जानमाज।


शेखजादा जुल्फिकार चिश्ती और अन्य ने ख्वाजा गरीब नवाज सूफी मिशन सोसायटी की तत्वावधान में नमाजियों को मिनरल वाटर के पाउच बांटे।


कायड़ विश्राम स्थली पर जुम्मे की नमाज, टेंट पड़ गया छोटा


asdभास्कर न्यूजत्न अजमेर

ख्वाजा साहब के 801वें उर्स के जुम्मे की नमाज कायड़ विश्राम स्थली में जायरीन ने भी अदा की। देशभर से आए जायरीन की आस्था पर आग बरसाती हुई धूप और लू के थपेड़े भी बेअसर रहे। वहां यूआइटी की ओर से लगाया गया टेंट भी छोटा पड़ गया। हजारों की संख्या में जायरीन ने धूप में ही नमाज अदा की।


नमाज से पहले ही नमाज स्थल पर जायरीन का पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका था। यूआइटी की ओर से लगाया गया टेंट तो कुछ ही देर में भर गया।


इसके अलावा भी हरी दरियां बिछाई गई। मगर यह भी कम पड़ गई। जायरीन ने तिबारियों में बैठना शुरू कर दिया। अंत में देशभर से आए जायरीन ने धूप में ही बैठना प्रारंभ कर दिया। तेज गर्मी में जायरीन ने सिर पर दुपट्टे, तौलिया आदि लगाकर खुद का बचाव किया। नमाज मालेगांव के मौलाना सैयद अमीन कादरी ने करवाई। नमाज के बाद जायरीन के लौटने का सिलसिला जारी हो गया।


जश्न ए गरीब नवाज


इधर कमला बावड़ी में जश्न ए गरीब नवाज का आयोजन किया गया। इस मौके पर नात व मनकबत के नजराने पेश किए गए। जश्न की सरपरस्ती ताजुश्शरिया नबीरे आला हजरत तसलीम रजा ने ने की। सैयद अब्दुर्रशीद ने अध्यक्षता की। मौलाना तरन्नुम, मौलाना अनीस, मुफ्ती अख्तर हुसैन आदि ने बयान किया। सैयद शौकत अली, शब्बर अली आदि ने नात शरीफ पेश की। इस मौके पर खासी तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे।


तारागढ़ पर भी नमाज अदा


तारागढ़ स्थित दरगाह परिसर में भी जुमे की नमाज अदा की। दरगाह परिसर नमाजियों से खचाखच भरा हुआ था। तारागढ़ दरगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव सैयद सगीर अब्बास के मुताबिक तारागढ़ की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। नगर निगम के अधिकारी इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।


धानका समाज आज पेश करेगा चादर


धानका जनजाति युवा मोर्चा की ओर से गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की जाएगी। अध्यक्ष लक्ष्मीकांत आर्य के मुताबिक शाम 5 बजे चादर पेश कर धानका समाज के जाति प्रमाण पत्र पर लगी रोक हटाने एवं सीएम अशोक गहलोत की सद्बुद्धि के लिए दुआ की जाएगी।


उर्स ए अकबरी


अंजुमन शेखजादगान के सहसचिव एस. नसीम चिश्ती ने बताया कि गरीब नवाज का 801वां उर्स उर्स ए अकबरी है। जिस उर्स में छठी और जुमा एक दिन होता है, उसे उर्स ए अकबरी कहा जाता है।


धूल भरी हवाएं चली दिन भरी त्न विश्राम स्थलियों में पूरे दिन धूल भरी हवाओं के चलने का सिलसिला जारी रहा। हालात यह रहे कि हवाओं से प्रशासन की ओर से लगाए गए कैंप समेत अन्य जगहों के टेंट हवा में लहराते हुए नजर आए। मिट्टी उड़ती रही। इससे जायरीन वं व्यवस्थाओं में लगे कर्मचारी और अधिकारी परेशान होते नजर आए।


दिल्ली गेट के सामने तपती धूप में नमाज अदा करने बैठे बड़ी संख्या में अकीदतमंद। कायड़ विश्राम स्थली में हजारों जायरीन ने तपती रेत और आग उगलती धूप में नमाज अदा की। यहां प्रशासन की ओर लगाया गया टेंट छोटा पड़ गया।



महफिल खाने में हुआ मुशायरा


2013_5image_09_39_387587579kk4d-llभास्कर न्यूजत्न अजमेर

गरीब नवाज के उर्स के मौके पर शुक्रवार को उस्मानी मुईनी गुदड़ीशाही की ओर से महफिल खाना में आल इंडिया मुशायरा हुआ। इसकी सदारत इनाम हसन गुदड़ीशाह बाबा पंचम ने की। दरगाह स्थित महफिल खाना में देर रात तक चले आल इंडिया मुशायरा में शायरों ने मनकबत के नजराने पेश किए। गैर तरही मुशायरे में स्थानीय व बाहर के शायरों ने भाग लिया। निजामत ख्वाजा अमीन आगरा वाले ने की। इस मौके पर खासी तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे।



अंजुमन सैयदजादगान की ओर से चादर पेश करने जाते पदाधिकारी।


अंजुमन सैयदजादगान की ओर से चादर पेश करने जाते पदाधिकारी।

अंजुमन सैयदजादगान की ओर से चादर पेश करने जाते पदाधिकारी।


भास्कर न्यूज त्नअजमेर


सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स की छठी शरीफ खुद्दाम ए ख्वाजा ने अदा कराई। इस रस्म में खासी तादाद में आशिकान-ए-ख्वाजा शरीक हुए। इस मौके पर अंजुमन सैयदजादगान ने शान-ओ-शौकत के साथ गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर पेश की। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे जन्नती दरवाजा जायरीन के लिए बंद कर दिया गया। आस्ताना शरीफ में केवल खादिम ही मौजूद रहे। करीब 8.30 बजे अंजुमन सैयदजादगान की ओर से जुलूस के रूप में चादर अहाता-ए-नूर लाई गई। यहां अंजुमन सदर सैयद हिसामुद्दीन नियाजी की सदारत में महफिल-ए-समां हुई। शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथियों ने गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। अंजुमन सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, सहसचिव सैयद मुशीर हुसैन चिश्ती, सैयद जान मोहम्मद चिश्ती, उपाध्यक्ष सैयद मुशर्रफ चौधरी समेत विभिन्न पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। खुद्दाम ने बाद में चादर गरीब नवाज की मजार पर पेश की और दुआ की।


छठी शरीफ की रस्म में भावुक हुए अकीदतमंद : अहाता-ए-नूर में ही सुबह करीब 10 बजे छठी शरीफ की रस्म शुरू हुई। खुद्दाम-ए-ख्वाजा ने यह रस्म अदा कराई। शिजराख्वानी और सलातोसलाम के बाद तमाम हाजरीन व देशवासियों के लिए दुआएं की गईं।


एक-दूसरे की दस्तारबंदी और मुबारकबाद : छठी शरीफ की रस्म के बाद जन्नती दरवाजा वापस खोला गया। खुद्दाम हजरत ने गरीब नवाज की मजार पर अकीदत का नजराना पेश कर एक-दूसरे की दस्तारबंदी की। कुछ खुद्दाम ने मौके पर मौजूद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की भी दस्तारबंदी की। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष आरिफ हुसैन की भी दस्तारबंदी की गई।


अंजुमन ने कराई कुरानख्वानी : अंजुमन शेखजादगान ने फज्र की नमाज के बाद कुरानख्वानी कराई। छठी शरीफ की नियाज दिला कर जायरीन को तकसीम किया गया।


खिदमत दोपहर में हुई : शुक्रवार से आस्ताना शरीफ के मामूल बदल गए। दिन में मजार शरीफ की खिदमत हुई। आस्ताना शरीफ शाम को 4 बजे तक बंद रहा। इसके बाद वापस जियरत के लिए खोल दिया गया। रात को कड़के के साथ आस्ताना शरीफ मामूल कर दिया गया।


दागोल की रस्म


दरगाह दीवान आबेदीन के आस्ताना शरीफ में दाखिल होते ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए मलंग व कलंदर जुलूस के रूप में अहाता ए नूर व संदल खाना मस्जिद के सामने वाले गेट से होते हुए महफिल खाना पहुंचे। यहां दीवान आबेदीन की गद्दी पर कब्जा किया और मलंग व कलंदरों ने हैरतअंगेज करतब पेश कर दागोल की रस्म अदा की।


दीवान पहुंचे खानकाह


आस्ताना शरीफ में कुल की रस्म संपन्न करके दरगाह दीवान आबेदीन को वापस कड़ी सुरक्षा में बेगमी दालान और संदल खाना मस्जिद के सामने होते हुए खानकाह शरीफ ले जाया गया। जायरीन को रोकने के लिए रास्ते में दोनों ओर रस्से बांधे हुए थे। खानकाह में दरगाह दीवान ने कदीम रस्म के मुताबिक अमला शाहगिर्द पेशां मौरूसी अमले की दस्तारबंदी की।



कंलदरों ने दागोल की रस्म अदा की, बड़ा कुल 20 को


1010_76गरीब नवाज के उर्स का कुल की रस्म के साथ समापन हो गया। कुल की रस्म में खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा ने भाग लिया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलंदर व मलंगों ने दागोल की रस्म अदा की। बड़ा कुल 20 मई को अदा किया जाएगा।


दरगाह स्थित महफिल खाने में सुबह 10 बजे बाद दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन की सदारत में कुल की महफिल की शुरुआत कुरान ख्वानी से हुई। शाही कव्वाल असरार हुसैन ने कुल की महफिल का आगाज किया। दोपहर 11.55 बजे मौरूसी फातेहाख्वां जुबेर अहमद व करीम अली द्वारा संदल और पान के बीड़ों पर फातेहा पढ़ी गई। 12.00 बजते ही शाहजहानी नौबत खाने से शादियाने बजाए जाने लगे और बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप के गोले दागे जाने लगे।


दरगाह दीवान को महफिल खाना में पारंपरिक रस्म के तहत दरगाह कमेटी की और से मौरूसी अमले के रकाबदार हुसैन खां ने खिलअत पहनाया। महफिल खाने से दीवान आबेदीन अपने परिवार के साथ आस्ताने शरीफ में कुल की रस्म के लिए रवाना हुए। उन्हें कड़े सुरक्षा पहरे में महफिल खाना से सेहन बाबा फरीद होते हुए जन्नती दरवाजा लाया गया।


गरीब नवाज के 801वें उर्स के कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन शुक्रवार को हो गया, लेकिन अनौपचारिक रूप से बड़े कुल की रस्म के साथ 20 मई को होगा। दरगाह दीवान ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन सहित खादिमों की संस्था अंजुमन के पदाधिकारियों को 801वें उर्स की मुबारकबाद देते ह़ुए उर्स के सफल आयोजन एवं जायरीन के लिए बेहतर इंतजाम और मजहबी रस्मों में सकारात्मक सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।




कुल की रस्म के साथ उर्स संपन्न


ds557712-largeअजमेर. सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती का ८०१वां सालाना उर्स शुक्रवार को कुल की रस्म के साथ संपन्न हो गया। कुल जुमे को होने के कारण नमाज भी अदा की गई। जिसमें बड़ी संख्या में जायरीन ने शिरकत की। बड़ा कुल २० मई को होगा। दरगाह बाजार में देशभर से आए जायरीन नमाज अदा करते हुए।


अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स में शरीक होने आए आशिकान-ए-ख्वाजा ने शुक्रवार को उर्स के दौरान की जुमे की नमाज अदा कर मुल्क की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ की। आसमान से बरसती आग और तपती धरती पर हजारों बंदगाने खुदा ने सजदा-ए-शुक्र अदा किया। नमाज शुरू होने से दो-तीन घंटे पूर्व ही सफें बना कर बैठ गए थे जायरीन-ए-ख्वाजा।


गरीब नवाज के उर्स के कुल की रस्म और जुमा एक दिन ही होने के कारण जुमे की नमाज में अपेक्षाकृत अधिक जायरीन शरीक हुए। झुलसाने वाली गर्मी और पारा लगभग 44 डिग्री होने के बावजूद अकीदतमंद नमाज के लिए दो घंटे तक सड़क पर सफ बना कर बैठे रहे। इधर कुल की रस्म शुरू होने से पहले ही आशिकान-ए-ख्वाजा ने दरगाह की शाहजहांनी मस्जिद में नमाज के लिए जगह घेरना शुरू कर दिया था।



सुबह करीब दस बजे तक शाहजहांनी मस्जिद के सेहन के साथ ही सेहन बाबा फरीद शक्कर गंज, महफिल खाना के सामने वाले दालान, और लंगर खाना के सामने वाले दालान के साथ ही बुलंद दरवाजा व निजाम गेट तक जायरीन की सफ लग चुकी थी। सुबह करीब 12 बजते-बजते दरगाह परिसर में नमाजियों की सफ लग चुकी थीं और दरगाह के बाबुल शरीफ गेट समेत विभिन्न गेटों से जायरीन के अंदर आने पर रोक लगा दी गई।


इसके बाद दरगाह के बाहर दरगाह बाजार, लंगर खाना गली, नला बाजार और आसपास के क्षेत्रों में नमाजी सड़क पर ही सफ बना कर बैठना शुरू हो गए। कुछ ही देर में नमाजियों की सफ धानमंडी और देहली गेट को पार करते हुए गंज की ओर बढ़ गई। दरगाह बाजार में लगी बेरिकेडिंग के दोनों ओर नमाजियों की सफ लगी थीं। इधर नला बाजार में भी आधे बाजार तक नमाजियों की सफ पहुंच गई।


12.45 बजे अजान 

दोपहर 12.45 बजे जुमे की अजान हुई। इसके बाद अकीदतमंद सुन्नतें अदा करने लगे। इस वक्त तक दरगाह क्षेत्र में नमाजी ही नमाजी दिखाई दे रहे थे। दोपहर 1.35 बजे खुत्बे के लिए अजान हुई और बड़े पीर साहब की पहाड़ी से तोप का गोला दागा गया। शहर काजी मौलाना तौसिफ अहमद सिद्दीकी ने खुत्बा पढ़ा। तकबीर के बाद शहरकाजी की इमामत में अकीदतमंद ने दो रकअत नमाज फर्ज अदा की। नमाज पूरी होने पर फिर तोप के गोले दागे गए।



छठी की रस्म में शरीक हुए आशिकान-ए-ख्वाजा


सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स की छठी शरीफ खुद्दाम ए ख्वाजा ने अदा कराई। इस रस्म में खासी तादाद में आशिकान-ए-ख्वाजा शरीक हुए। इस मौके पर अंजुमन सैयदजादगान ने शान-ओ-शौकत के साथ गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर पेश की।  शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे जन्नती दरवाजा जायरीन के लिए बंद कर दिया गया। आस्ताना शरीफ में केवल खादिम ही मौजूद रहे।


करीब 8.30 बजे अंजुमन सैयदजादगान की ओर से जुलूस के रूप में चादर अहाता-ए-नूर लाई गई। यहां अंजुमन सदर सैयद हिसामुद्दीन नियाजी की सदारत में महफिल-ए-समां हुई। शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथियों ने गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। अंजुमन सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, सहसचिव सैयद मुशीर हुसैन चिश्ती, सैयद जान मोहम्मद चिश्ती, उपाध्यक्ष सैयद मुशर्रफ चौधरी समेत विभिन्न पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे। खुद्दाम ने बाद में चादर गरीब नवाज की मजार पर पेश की और दुआ की।


123छठी शरीफ की रस्म में भावुक हुए अकीदतमंद

अहाता-ए-नूर में ही सुबह करीब 10 बजे छठी शरीफ की रस्म शुरू हुई। खुद्दाम-ए-ख्वाजा ने यह रस्म अदा कराई। शिजराख्वानी और सलातोसलाम के बाद तमाम हाजरीन व देशवासियों के लिए दुआएं की गईं।


Thursday, 16 May 2013

वसुंधरा की चादर पेश


100000473अजमेर. भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष वसुंधरा राजे की ओर से उर्स के मौके ख्वाजा साहब की दरगाह में चादर पेश की गई। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान गुरूवार रात राजे की ओर से चादर लेकर दरगाह पहुंचे। धक्का-मुक्की के बीच उन्होंने चादर पेश की। खादिम अफसान चिश्ती और अब्दुल बारी चिश्ती ने उन्हें जियारत कराई। पठान के साथ विधायक अनिता भदेल, वासुदेव देवनानी, उपमहापौर अजीत सिंह राठौड़, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, भाजयुमो शहर अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शेखावत भी थे।



वसूली करने वालों के खिलाफ की शिकायत


2013_5image_01_20_3375387501-llभास्कर न्यूजत्न अजमेर| उर्स के दौरान स्टेशन रोड स्थित इंदिरा गांधी स्मारक और खाइलैंड मार्केट पार्किंग स्थलों पर जायरीन से वाहनों की पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। पंचशील निवासी दिनेश सोनी ने यह आरोप लगाकर संचालकों की शिकायत संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, महापौर, सीईओ और नगर निगम के आयुक्त से की है। शिकायतकर्ता सोनी ने बताया कि नगर निगम ने पार्किंग की दर प्रारंभ के दो घंटे के लिए प्रति वाहन कार व जीप 10 रुपए और दो घंटे से ज्यादा के लिए 20 रुपए शुल्क निर्धारित कर रखा है। इसके बावजूद निगम के आदेशों को दरकिनार कर पार्किंग संचालक जायरीन से अवैध वसूली करने में जुटे हैं।


जिला मजिस्ट्रेट वैभव गालरिया ने जुमे की नमाज व कुल की रस्म में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 22 कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त हैं। उर्स मेला मजिस्ट्रेट व अतिरिक्त कलक्टर (शहर) जेके पुरोहित ने जुमे की नवाज व कुल की रस्म में की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। 22 कार्यपालक मजिस्ट्रेट में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीआर मीणा को दरगाह के बुलंद दरवाजे, नगर सुधार न्यास के भूमि अवाप्ति अधिकारी भगवंत सिंह राठौड़ व देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त गिरीश बच्चानी को महफिल गेट, अतिरिक्त कलक्टर गजेंद्र सिंह राठौड़, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के विशेषाधिकारी भरत शर्मा, तथा राजकीय संग्रहालय के क्यूरेटर आजम हुसैन को बेगमी दालान, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के उप महानिरीक्षक महेंद्र शर्मा व नगर निगम आयुक्त बजरंग सिंह चौहान को जन्नती दरवाजा, राजस्व मण्डल के अतिरिक्त निबंधक आशुतोष गुप्ता को निजाम गेट, एसडीएम मसूदा प्रकाश चन्द जैन व तहसीलदार अजमेर मनमोहन मीणा को पायती दरवाजा, एसडीएम पीसांगन राजेश गोयल को छत्री गेट, अतिरिक्त कलेक्टर जुल्फिकार बेग मिर्जा तथा आईएएस प्रोबेशनर अभिमन्यु कुमार को मोतीकटला, एसडीएम कृष्णा अवतार त्रिवेदी व नायाब तहसीलदार इंद्रचंद गुप्ता को फूल गली, एसडीएम केकड़ी हीरालाल को महेश मेडिकल, उप पंजीयक राजेश डागा व नायब तहसीलदार, प्रेम कुमार को कमानी गेट, लोक सेवा आयोग के उप सचिव चिरंजी लाल दायमा को सोलथंबा, उपनिदेशक स्थानीय निकाय सीमा शर्मा को देहली गेट तथा राजस्थान कर बोर्ड के सदस्य मोहम्मद हनीफ को दरगाह दीान के साथ कार्यपालक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया हैं।




ममता बनर्जी की चादर पेश


mamta3भास्कर न्यूज। अजमेर

सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर सूबे में अमन व भाईचारे के लिए दुआ की गई। तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल यह चादर लेकर यहां पहुंचा।

मौलाना नूरूल रहमान बरकाती की अगुवाई में आए दल में श्रीकांत घोष, मुश्ताक अहमद, रफअत कुरैशी, हाजी सिबतैन आदि शामिल थे। दरगाह बाजार से ही कव्वालियों के साथ चादर को जुलूस के रूप में ले जाया गया। जुलूस पहले साई घाट पहुंचा। यहां अंजुमन सैयदजादगान के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद इकबाल चिश्ती की सदारत में महफिले कव्वाली हुई। कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। इसके बाद गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की और दुआ की गई। सैयद इकबाल चिश्ती ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया। बाद में ममता बनर्जी का जायरीन के नाम भेजा संदेश पढ़ कर सुनाया गया। बनर्जी ने जायरीन को उर्स की मुबारकबाद पेश की और गरीब नवाज के इंसानियत के पैगाम को फैलाने के आग्रह किया। चिश्ती के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की ओर से पहली बार उर्स में चादर पेश की गई है।



उर्स में देर रात तक बनी रही रौनक


BP653018-largeभास्कर न्यूज त्नअजमेर| गरीब नवाज के 801वें उर्स में देश के विभिन्न हिस्सों से आए जायरीन की चहल-पहल से गुरुवार रात को खासी रौनक बनी। दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन की सदारत में महफिल खाना में हुई रात की आखिरी महफिल में भी खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा की भीड़ रही। परंपरा के मुताबिक मध्यरात्रि को मजार शरीफ को आखिरी गुस्ल दिया गया।


रजब की पांच तारीख हो जाने और एक दिन बाद ही कुल की रस्म होने को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही जायरीन ए ख्वाजा के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अब तक रौनक को तरस रहे दरगाह क्षेत्र में आज खासी रौनक बनी रही। दिन भर जायरीन के विभिन्न समूह जुलूस के रूप में चादर लेकर दरगाह पहुंचे। ढोल नगाड़ों व सूफियाना कलामों के बीच निकले जुलूसों में खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा शरीक हुए। चादरों को चूमने के लिए भी अकीदतमंद में होड़ लगी नजर आई।


जन्नती दरवाजे पर लंबी कतार : जन्नती दरवाजे से जियारत के लिए जायरीन में होड़ लगी नजर आई। जियारत को आए अकीदतमंद की लंबी कतार जन्नती दरवाजे पर लगी रही। अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोग सिर पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल लिए खड़े नजर आए। इधर शाम को हुई रोशनी की दुआ के दौरान भी दरगाह परिसर खचाखच भरा नजर आया। परिसर में जगह-जगह हुई कव्वालियों की महफिल में भी खासी तादाद में जायरीन शरीक हुए।



राजनाथ सिंह की चादर पेश


cm_ajmer13-5-13सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर गुरुवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह की ओर से मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर सांप्रदायिक सौहार्द की मजबूती के लिए दुआ की गई। सिंह का जायरीन के नाम भेजा संदेश भी पढ़ कर सुनाया गया।


भाजपा नेता प्रियशील हाड़ा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल सुबह करीब 11 बजे यह चादर लेकर दरगाह पहुंचा। जुलूस के रूप में चादर जन्नती दरवाजे होते हुए आस्ताना शरीफ ले जाई गई। खादिम सैयद इब्राहीम फख्र ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया।


बाद में महफिल खाना की सीढिय़ों से राजनाथ सिंह का जायरीन के नाम भेजा संदेश पढ़ कर सुनाया गया। सिंह ने जायरीन को उर्स की मुबारकबाद दी और इसकी कामयाबी की कामना की। चादर लेकर आने वालों में शहर भाजपा अध्यक्ष रासासिंह रावत, विक्रम सिंह, नरेंद्र सिंह मांडला, भारत मालानी, गजवीर सिंह, मनवीर सिंह, शफी बख्श, सैयद अफशान चिश्ती, हितेश वर्मा, इशरत परवीन, मोहम्मद आसान और हरविंदर सिंह आदि भी शामिल थे।



छठी शरीफ की रस्म सुबह 8.30 बजे


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प्रशासन ने ख्वाजा साहब के 801वें उर्स की शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज और कुल की रस्म के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कायड़ व ट्रांसपोर्ट विश्राम स्थली पर जायरीन के जुमे की नमाज पढऩे के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं।

नगर निगम द्वारा दरगाह व आसपास के क्षेत्र में आवारा जानवरों को पकड़ा जा रहा है। आवारा जानवरों को पकडऩे के लिए 100 से अधिक कर्मचारियों को लगाया गया है। वहीं पशु पालकों को अपने पशुओं को घरों, बाड़ों में रखने के लिए पाबंद किया गया है तथा आवारा जानवरों को पकड़ कर कांजी हाउस में रखा जा रहा है।


अजमेरत्न गुरुवार शाम उर्स मेला क्षेत्र में बिजली की आंख-मिचौली होती रही। इससे दुकानदारों एवं जायरीन को परेशान होना पड़ा। शाम को 7 बजे से रात पौने 8 बजे के बीच करीब चार बार बिजली की सप्लाई बंद हो गई। इससे नला बाजार एवं आसपास के मेला क्षेत्र में अंधेरा छा गया। नला बाजार व्यापारिक एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल ने बताया कि बिजली की सप्लाई बाधित होने से अंधेरा छा गया। बाजार से गुजरने वाले जायरीन को परेशान होना पड़ा। दुकानदारों को भी गर्मी और अंधेरे का सामना करना पड़ा।



कुल के छींटे रात से ही शुरू, कुल व जुमे की नमाज आज


BP652863-largeगुलाब जल व केवड़े से गुरुवार रात दरगाह की धुलाई करते अकीदतमंद।


अजमेर त्न सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के कुल के छींटे गुुरुवार देर रात को ही शुरू कर दिए। जबकि कुल की रस्म शुक्रवार को अदा की जाएगी। जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा। आस्ताना शरीफ की खिदमत का वक्त बदल जाएगा। उर्स में आए जायरीन शहर काजी मौलाना तौसिफ अहमद सिद्दीकी की इमामत में जुमे की नमाज अदा कर मुल्क की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ करेंगे। मगरिब की नमाज के बाद हिजरी संवत के रजब महीने की 6 तारीख लग जाने के कारण अनेक जायरीन ने गुरुवार रात में ही दरगाह के दरो दीवार को गुलाब जल व केवड़े से धोना शुरू कर दिया। आस्ताना शरीफ की दीवारों के साथ ही अहाता ए नूर में भी विभिन्न गेटों को जायरीन धोते नजर आए।



हावड़ा और जोधपुर से उर्स स्पेशल का संचालन


9696_train-crushedअजमेर। उर्स के मद्देनजर रेल प्रशासन द्वारा जायरीन की सुविधा के लिए हावड़ा-अजमेर-हावड़ा एवं अजमेर-जोधपुर-अजमेर (3 ट्रिप) उर्स स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है।


हावड़ा-अजमेर-हावड़ा उर्स स्पेशल

गाड़ी संख्या 03137 हावड़ा-अजमेर उर्स स्पेशल रेल सेवा 15 मई हावड़ा से 12.05 बजे रवाना होकर 17 मई को 6:30 बजे अजमेर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 03138 अजमेर-हावड़ा उर्स स्पेशल रेल 18 मई को अजमेर से 20:05 बजे रवाना होकर 20 मई को 16़ 15 बजे हावड़ा पहुंचेगी। यह गाड़ी दोनों दिशाओं में बुंदेल, दुर्गापुर, आसनसोल, धनबाद, गुरहवा रोड, चौपान, कटनी, मुरवाड़ा, दमोह, गुना, बारां, कोटा, बूंदी, भीलवाड़ा, बिजयनगर एवं नसीराबाद स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इस गाड़ी में 11 द्वितीय शयनयान, 2 साधारण श्रेणी एवं 2 गार्ड डिब्बों सहित 15 डिब्बे होंगे।


अजमेर-जोधपुर-अजमेर उर्स स्पेशल

गाड़ी संख्या 09639 अजमेर-जोधपुर उर्स स्पेशल 15 मई अजमेर से 9:30 बजे रवाना होकर 15:00 बजे जोधपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09640 जोधपुर-अजमेर 17 मई को जोधपुर से 16:30 बजे रवाना होकर 21:45 बजे अजमेर पहुंचेगी। यह गाड़ी दोनों दिशाओं में दौराई, ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, पाली मारवाड़ एवं लूनी  स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इस गाड़ी में 1 फर्स्ट मय सेकंड एसी, 1 सेकंड एसी, 1 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान एवं 2 साधारण श्रेणी के डिब्बों सहित 17 डिब्बे होंगे।


अजमेर-जोधपुर-अजमेर उर्स स्पेशल

गाड़ी संख्या 09637 अजमेर-जोधपुर उर्स स्पेशल रेल सेवा 17 मई को अजमेर से 7 बजे रवाना होकर 12 बजे जोधपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09638 जोधपुर-अजमेर 18 मई को जोधपुर से 14़ 25 बजे रवाना होकर 19़ 35 बजे अजमेर पहुंचेगी। यह गाड़ी दोनों दिशाओं में दौराई, ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, पाली मारवाड़ एवं लूनी  स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इस गाड़ी में 11 द्वितीय शयनयान एवं 2 साधारण श्रेणी के डिब्बों सहित 15 डिब्बे होंगे। अजमेर-जोधपुर-अजमेर उर्स स्पेशल : गाड़ी संख्या 09645 अजमेर-जोधपुर उर्स स्पेशल 16 मई अजमेर से 8़ 30 बजे रवाना होकर 13:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09646 जोधपुर-अजमेर उर्स स्पेशल 19 मई को जोधपुर से 13 बजे रवाना होकर 18 बजे अजमेर पहुंचेगी। इस गाड़ी का दोनों दिशाओं में दौराई, ब्यावर, मारवाड़ जंक्शन, पाली मारवाड़ एवं लूनी  स्टेशनों पर ठहराव होगा। इस गाड़ी में 1 सेकंड एसी, 1 थर्ड एसी, 10 द्वितीय शयनयान एवं 4 साधारण श्रेणी के डिब्बों सहित 18 डिब्बे होंगे।


हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद एक्सप्रेस के डिब्बों में स्थायी बढ़ोतरी

रेल प्रशासन द्वारा अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद साप्ताहिक एवं द्वि-साप्ताहिक दोनों रेल सेवाओं के डिब्बों में स्थाई बढ़ोतरी की हैं। हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस में 1 थर्ड एसी एवं 1 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की स्थाई बढ़ोतरी तथा गाड़ी संख्या 17020/17019 हैदराबाद-अजमेर-हैदराबाद द्वि-साप्ताहिक एक्सप्रेस में हैदराबाद से 18 मई से एवं अजमेर से 21 मई से 1 थर्ड एसी एवं 1 द्वितीय शयनयान श्रेणी डिब्बों की स्थाई बढ़ोतरी की गई हैं।


दौराई स्टेशन पर रुकेंगी 21 गाड़ियां : रेल प्रशासन द्वारा उर्स के मद्देनजर जायरीन की सुविधा के लिए दौराई रेलवे स्टेशन पर 21 रेल सेवाओं का 2 मिनट का अतिरिक्त ठहराव 20 मई तक किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन ने बताया कि अहमदाबाद-मुजफ्फरपुर-अहमदाबाद जनसाधारण एक्सप्रेस, ओखा-देहरादून-ओखा, उत्तरांचल एक्सप्रेस, आगरा फोर्ट-अहमदाबाद-आगरा फोर्ट सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस-चंड़ीगढ़-बांद्रा टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बरेली-भुज-बरेली आलाहजरत एक्सप्रेस, अहमदाबाद-वाराणसी-अहमदाबाद एक्सप्रेस, बांद्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय रोहिल्ला-बांद्रा एक्सप्रेस, अजमेर-दादर-अजमेर एक्सप्रेस, पोरबंदर-दिल्ली सराय रोहिल्ला-पोरबंदर एक्सप्रेस, पोरबंदर-मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस। भगत की कोठी-काठगोदाम-भगत की कोठी रानीखेत एक्सप्रेस, अहमदाबाद-सुल्तानपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस, अहमदाबाद-कोलकाता-अहमदाबाद एक्सप्रेस, जयपुर-बांद्रा टर्मिनस-जयपुर अरावली एक्सप्रेस, अजमेर-मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस, अजमेर-यशवंतपुर-अजमेर गरीब नवाज एक्सप्रेस, अहमदाबाद-अजमेर-अहमदाबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस, अहमदाबाद-हरिद्वार-अहमदाबाद मेल एवं अजमेर-जोधपुर-अजमेर सवारी गाड़ी का दो मिनट अतिरिक्त ठहराव रहेगा।


जैन ने बताया कि इन रेल सेवाओं के अतिरिक्त अजमेर-अहमदाबाद रेल खण्ड पर संचालित सभी उर्स स्पेशल रेल सेवाएं भी दौराई स्टेशन पर 2 मिनट का ठहराव करेंगी।


नहीं चली ट्रेन : रेलवे ने उर्स मेले के मद्देनजर बुधवार अपराह्न् साढ़े चार बजे जोधपुर से अजमेर के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने की घोषणा तो कर दी, लेकिन ट्रेन चलाई नहीं। कुछ यात्री भी इस ट्रेन से अजमेर जाने के लिए स्टेशन पहुंच गए। बाद में पता चला कि ट्रेन तो शुक्रवार को चलनी थी लेकिन रेलवे के जनसंपर्क विभाग ने गलत सूचना प्रसारित कर दी।



 रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी तरुण जैन की ओर से मंगलवार को जानकारी प्रसारित की गई थी कि अजमेर-जोधपुर उर्स स्पेशल ट्रेन बुधवार सुबह 9:30 बजे रवाना होकर दोपहर 3 बजे जोधपुर आएगी। यहां से अपराह्न् साढ़े चार बजे अजमेर के लिए वापस रवाना हो जाएगी। यह जानकारी मिलने पर कुछ यात्री स्टेशन भी पहुंच गए, लेकिन ट्रेन नहीं चलने से निराश लौट गए। जैन ने बताया कि ट्रेन चलने की तारीख में त्रुटि होने से गलत जानकारी प्रसारित हो गई थी। हकीकत में यह ट्रेन 17 मई को जोधपुर से चलनी है।


जुमा और कुल कल, उमड़े अकीदतमंद


1345205193अजमेर। सूफी संत ख्वाजा साहब के 801 वें उर्स में शुक्रवार को कुल की रस्म अदा की जाएगी। इस दिन दरगाह में हजारों मुस्लिम जुमे की नमाज भी अदा करेंगे। इसके लिए देश के कोने-कोने से हजारों अकीदतमंद यहां पहुंच चुके हैं और आवक तेजी से बढ़ रही है। दरगाह में बुधवार को उर्स की पांचवीं महफिल सजी और मजार शरीफ पर गुस्ल की रस्म अदा की गई। दरगाह परिसर दिनभर जायरीन से खचाखच भरा नजर आया। पूरे मेला क्षेत्र में देर रात तक रौनक रहने लगी है। महावीर सर्किल से जायरीन जत्थे के रूप में ढोल नगाड़े की आवाज पर नाचते गाते और गरीब नवाज की शान में नारे बुलंद करते हुए चादर लेकर दरगाह पहुंच रहे हैं।


कुल के छींटे आज रात से ही

दरगाह में गुरूवार रात छठी शब लगते ही जायरीन में कुल के छींटे देने की होड़ शुरू हो जाएगी। इस दौरान जायरीन दरगाह में गुलाबजल और केवड़े के छीेंटे देंगे और पानी से दरगाह की धुलाई करेंगे। यह सिलसिला दूसरे दिन सुबह तक चलता रहेगा।



ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स में रात की आखिरी महफिल आज


9248_92अजमेर। सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स की रात में जारी आखिरी महफिल गुरुवार रात को होगी। शुक्रवार को कुल की रस्म के साथ उर्स का अनौपचारिक समापन हो जाएगा। बड़े कुल की रस्म 20 मई को अदा की जाएगी। इधर उर्स में शिरकत के लिए बुधवार को भी खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा यहां पहुंचे।


हिजरी संवत के रजब महीने की चार तारीख बुधवार को पूरी हो गई। इसे देखते हुए दरगाह के महफिल खाना में रात को उर्स की पांचवीं महफिल ए समां हुई। इसकी सदारत दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन ने की। देर रात तक चली महफिल में दरगाह के शाही कव्वाल असरार हुसैन और साथियों के साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किए। देर रात को मजार शरीफ को गुस्ल दिया गया। इधर, गुरुवार रात को दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन की सदारत में महफिल खाना में उर्स की रात की महफिल ए समां होगी।



इसमें विभिन्न खानकाहों के सज्जादगान और जायरीन शरीक होंगे। शुक्रवार को सुबह 11 बजे से उर्स के कुल की महफिल होगी। इसकी सदारत भी दरगाह दीवान आबेदीन करेंगे। जुमे की नमाज को देखते हुए कुल की फातिहा के लिए दरगाह दीवान सुबह 12.15 जन्नती दरवाजा से होते हुए आस्ताना शरीफ में दाखिल होंगे। इसके बाद वे बेगमी दालान से वापस महफिल खाना होते हुए खानकाह जाएंगे। कलंदर व मलंग दागोल की रस्म अदा करेंगे। इसके साथ ही उर्स का समापन हो जाएगा। उर्स के दौरान की जुमे की नमाज दोपहर 1.15 बजे बाद अदा की जाएगी। इधर बड़े कुल की रस्म सोमवार को होगी।


उर्स की रौनक बढ़ी

इधर जायरीन के आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से खासी तादाद में आशिकान ए ख्वाजा यहां पहुंचे। जायरीन की आवक से दरगाह क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में खासी रौनक बनी हुई है। जुलूस के रूप में चादर लेकर जाने का सिलसिला भी देर रात तक जारी रहा। जन्नती दरवाजे के बाहर जायरीन की लंबी कतार लग रही है।


अंजुमन की ओर से पेश होगी चादर

छठी शरीफ की रस्म खुद्दाम ए ख्वाजा द्वारा शुक्रवार को अदा कराई जाएगी। इस मौके पर अंजुमन सैयदजादगान की ओर से धूमधाम से चादर पेश की जाएगी। जुमे की नमाज को देखते हुए जन्नती दरवाजा भी 12.30 बजे बंद हो जाएगा। अंजुमन सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह के मुताबिक शुक्रवार को सुबह लगभग 8 बजे आस्ताना शरीफ में जायरीन पर रोक रहेगी। आस्ताना शरीफ में केवल खुद्दाम ही रहेंगे। रस्म सुबह 8.30 बजे अहाता ए नूर में शुरू होगी।


महफिल-ए-समां आज

गरीब नवाज के उर्स के मौके पर गुदड़ीशाही खानकाह में गुरुवार को महफिल ए समां होगी। इसमें स्थानीय कव्वालों के साथ ही बाहर से आए कव्वाल भी सूफियाना कलाम पेश करेंगे। खानकाह के मैनेजर अख्तर अली के मुताबिक रात 9.30 बजे झालरा स्थित खानकाह में महफिल की शुरूआत होगी। इसकी सदारत हजरत इनाम हसन गुदड़ीशाह बाबा करेंगे।


परवीन रंगीली ने बांधा समां

मशहूर महिला कव्वाल परवीन रंगीली की पहली महफिल बुधवार रात को हुई। दरगाह क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में हुई इस महफिल की सदारत सैयद अजीज बुर्राकी ने की। देर रात तक चली महफिल में रंगीली ने  गरीब नवाज की शान में मनकबत के नजराने पेश किए। इस मौके पर खासी तादाद में अकीदतमंद मौजूद थे।



जुमे की नमाज व्यवस्था का लिया जायजा

गरीब नवाज के उर्स की छठी और जुमे की नमाज को लेकर बुधवार को प्रशासन ने दरगाह परिसर में की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दरगाह दीवान के आने जाने व दागोल की रस्म को देखते हुए परिसर में रस्से लगा कर व्यवस्था बनाने के प्रयास किए जाएंगे। एडीएम सिटी जगदीश पुरोहित और एसपी गौरव श्रीवास्तव के साथ ही अन्य अधिकारी दरगाह पहुंचे। उनके साथ अंजुमन सैयदजादगान के सचिव सैयद वाहिद हुसैन अंगाराशाह, सदस्य जान मोहम्मद, दरगाह कमेटी के कार्यवाहक नाजिम हाजी मोहम्मद सिद्दीक साथ थे। अंजुमन व दरगाह कमेटी पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी कि इस बार छठी व कुल की रस्म 1.15 बजे की बजाए एक घंटे पूर्व 12.15 बजे होगी। लेकिन जुमे की नमाज के लिए शाहजहांनी मस्जिद परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुबह 8-9 बजे से ही जायरीन नमाज की सफ लगा कर बैठ जाएंगे। इसके साथ ही अन्य रस्में होंगी। सभी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं निर्धारित की गई।


दीवान आज पेश करेंगे दुआनामा

उर्स की कुल की रस्म की पूर्व संध्या पर गुरुवार को दरगाह दीवान सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान खानकाह शरीफ से दुआ नामा जारी करेंगे। इस मौके पर विभिन्न दरगाहों के सज्जादानशीन, सूफी मशायख और अन्य लोग उपस्थित रहेंगे। दरगाह दीवान के सचिव एवं जानशीन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती के अनुसार परंपरा के मुताबिक दरगाह स्थित खानकाह पर दोपहर तीन बजे से शाम छ: बजे तक कदीम महफिल ए समां होगी। इसकी सदारत दीवान आबेदीन करेंगे। उनके साथ उनके पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती भी मौजूद होंगे। महफिल में देश के खानकाही कव्वाल सूफियाना कलाम पेश करेंगे।


खास बात यह है कि इस पारंपरिक आयोजन में देश की प्रमुख चिश्तिया दरगाहों के सज्जादगान उपस्थित रहेंगे। नसीरुद्दीन ने बताया कि कव्वाली के बाद शाम छ: बजे फातेहा और विशेष दुआ होगी। इस अवसर पर दीवान आबेदीन देश और दुनिया में ख्वाजा गरीब नवाज में आस्था रखने वाले हर धर्म व संप्रदाय के जायरीनों के लिए ख्वाजा साहब की शिक्षाओं, उपदेशों, मजहबी एकता, मुल्क में अमन चैन, तरक्की एवं विश्व शांति के लिए दुआनामा जारी करेंगे। इसके बाद जायरीनों को तबरुक तकसीम किया जाकर महफिल का समापन होगा। इसी दिन रात्री में ख्वाजा साहब के मजार पर दरगाह दीवान द्वारा अंतिम गुस्ल दिया जाएगा।


सूफी जिलानी ने उठाए सवाल

वल्र्ड सूफी काउंसिल के अध्यक्ष सूफी जिलानी ने कहा कि प्रशासन जायरीन को सुविधा नहीं दे रहा है, बल्कि उन्हें हरेसमेंट कर रहा है। आनासागर विश्राम स्थली पर हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लगा दिए गए हैं। इससे जायरीन में दहशत फैल रही है। वे बुधवार को मीडिया से मुखातिब थे। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या यहां कोई आतंकवादी हमला होने वाला है, जिसकी वजह से ये हथियारबंद सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। उन्होंने पैदल आए जायरीन को पिछले दिनों प्राइवेट बस स्टैंड पर पुलिस द्वारा पीटे जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आनासागर विश्राम स्थली के जिस हिस्से पर पानी नहीं भरा है, वहां जायरीन को ठहराया जाना चाहिए।



मनमाना किराया वसूली

सूफी जिलानी ने कहा कि कायड़ विश्राम स्थली से फव्वारा सर्किल तक बस से आने का किराया प्रशासन ने 8 रुपए तय किया। लेकिन हालत यह है कि प्राइवेट वाहन मालिक 40से 80 रुपए सवारी तक वसूल रहे हैं। इस वसूली को रोका जाना चाहिए।


Wednesday, 15 May 2013