अजमेर| सूफी संत हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 801वें उर्स के मौके पर शनिवार को गुजरात की राज्यपाल डॉ कमला की ओर से ख्वाजा साहब की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश किए गए। गुजरात राज्यपाल की ओर से चादर लेकर उनके एडीसी लेफ्टिनेंट कमांडर अमित चौरसिया आदि लेकर आए। शनिवार सुबह करीब 9 बजे एडीसी और अन्य अधिकारी चादर लेकर दरगाह पहुंचे। वे बुलंद दरवाजे से सिर पर अकीदत का नजराना सिर पर लेकर आस्ताना शरीफ में दाखिल हुए। मजार मुबारक पर चादर व फूल पेश कर मुल्क में अमन व भाई चारे की मन्नत मांगी। खादिम सैयद मुकद्दस मोईनी ने उन्हें जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबर्रुक भेंट किया। बाद में एडीसी चौरसिया ने बुलंद दरवाजे से राज्यपाल का संदेश जायरीन को पढ़ कर सुनाया।
यह भेजा संदेश : राज्यपाल डॉ कमला ने जायरीन के नाम भेजे संदेश में कहा कि गुजरात प्रदेशवासियों की ओर से वे गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश करवा रही हैं। हजरत ख्वाजा गरीब नवाज ने दीन-दुखियों एवं बेसहारा लोगों की सेवा कर मानवता, प्रेम एवं करुणा का संदेश दिया। गरीब नवाज ने शांति एकता एवं आपसी भाईचारे की भावना को सुदृढ़ रखते हुए मानवता के सिद्धांतों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। राज्यपाल ने उर्स के मुबारक मौके पर देश और राज्य में सुख शांति एवं प्रगति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
गुजरात के राज्यपाल की ओर से चादर पेश
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